

अप्रत्याशित यानि वो घटना जिसके बारे में पहले से कल्पना या अपेक्षा न की गई हो। क्या ऐसा हो सकता है? कोई घटना अक्सर तभी अप्रत्याशित होती है, जब हम मान कर चलते हैं ये हमारे साथ नहीं हो सकता। संसार के आकार को देखते हुए हम हर घटना का अंदाजा पहले से नहीं लगा सकते, इसलिए कोई घटना अप्रत्याशित हो सकती है।
क्या प्रोफेशनल ज़िन्दगी में कोई घटना अप्रत्याशित हो सकती है?
हाँ हो सकती है, ज़्यादातर लोगों का यही मानना है मगर मेरा विचार कुछ अलग है; कम से कम प्रोफ़ेशनल ज़िन्दगी में अप्रत्याशित कुछ नहीं होता है। क्यों! चलिए पता करते हैं।
अक्सर अध्ययन काल में हमें सही दिशा या मार्गदर्शन नहीं मिलता या पढ़ाई के मामले औसत छात्र होते हैं तो हम अपने भविष्य की राह तय नहीं कर पाते और एक अदद नौकरी की तलाश में जुट जाते हैं ताकि कमाई का साधन उपलब्ध हो जिससे जीवन-यापन सुनिश्चित किया जा सके। हमें अपने कैरियर के बारे में सोचने का दूसरा मौका तब मिलता है जब हमें पहली नौकरी मिलती है। तब हमें ये रिसर्च करना चाहिए कि जहाँ हम नौकरी कर रहे हैं वहाँ अपने लिए अवसर किस तरह बना सकते हैं, हमारे सामने आने वाली विपरीत परिस्थितियाँ क्या-क्या हो सकती है और इससे कैसे निपट सकते हैं।
जब हम सिर्फ जॉब कर रहे होते हैं तो परिस्थितियों का सही व ज़रूरी आकलन नहीं करते बस बहाव के साथ बहते चले जाते हैं, इस तरह हम आगामी परिस्थितियों के लिए तैयार नहीं होते। अब हम अपने प्रश्न पर फिर आते हैं, क्या प्रोफेशनल ज़िन्दगी में कोई घटना अप्रत्याशित हो सकती है? अगर आप सिर्फ जॉब कर रहे होतें है तो हाँ आपके साथ अप्रत्याशित हो सकता है क्योंकि आप आगामी परिस्थितियों के लिए तैयार नहीं हैं, यदि आप कैरियर के बारे में सोचते हैं तो आपके साथ अप्रत्याशित नहीं होता क्योंकि आप पहले से तैयार हैं। थोड़ी सी कोशिशों के बाद आपको पहली नौकरी तो मिल जाएगी पर चुनौतियाँ इसके बाद आती हैं। याद रखिये तकलीफें हर हाल में आनी ही है, आपको हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना ही पड़ेगा।
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